आवारा कुत्तों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को आदेश.

आंध्र प्रदेश से मांगा जवाब
नई दिल्ली: आवारा कुत्तों (Stray Dogs) से जुड़े मामलों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को अंतिम आदेश सुनाएगा। यह मामला देश भर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन, उनके टीकाकरण, जनसंख्या नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोर्ट का यह फैसला स्थानीय निकायों और पशु कल्याण संगठनों के लिए नए दिशा-निर्देश तय कर सकता है।

सुनवाई के दौरान, तीन-न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने आंध्र प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से कड़ी नाराजगी व्यक्त की। पीठ ने वकील से पूछा कि पिछले सुनवाई की तारीख पर अनुपालन हलफनामा (Compliance Affidavit) क्यों दाखिल नहीं किया गया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों को अंतिम बार अपनी दलीलें पेश करने का मौका दिया और आदेश सुनाने की तारीख तय कर दी।

सुप्रीम कोर्ट विभिन्न राज्यों में आवारा कुत्तों के हमलों और पशु क्रूरता से संबंधित कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है। इन याचिकाओं में आवारा पशुओं की समस्या का मानवीय और कानूनी तरीके से स्थायी समाधान खोजने की मांग की गई है। कोर्ट ने स्थानीय निकायों को पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। 7 नवंबर का आदेश इस जटिल सामाजिक और कानूनी मुद्दे पर स्पष्टता लाएगा।

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