केंदुआडीह गैस रिसाव बना बड़ा संकट, बढ़ती मौतें चिंता.
चेतावनी के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर सवाल
केंदुआडीह गैस रिसाव अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। लगातार तीसरी मौत ने हालात स्पष्ट कर दिए हैं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं दिखता। इसमें लापरवाही की आशंका गहराती जा रही है। पहले भी दो लोगों की जान जा चुकी है। फिर भी हालात नहीं सुधरे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि समय रहते तकनीकी कदम जरूरी थे। बोरहोल और गैस नियंत्रण के उपाय जरूरी बताए गए थे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी भी दी थी। लेकिन उन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसका नतीजा अब सामने है। लोगों की जान खतरे में है।
प्रशासन और प्रबंधन दोनों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। लेकिन भरोसा तभी लौटेगा जब ठोस कार्रवाई होगी। मुआवजा, सुरक्षा और जवाबदेही जरूरी है। केंदुआडीह की घटना एक सबक है। भविष्य में ऐसी चूक न हो, यही उम्मीद है।
