कोर्ट ने कहा—सरकार गलत, कर्मचारियों की नौकरी वापसी.
बोकारो बाल सुधार गृह का मामला, वर्षों बाद मिला न्याय
यह मामला लगभग नौ वर्षों पुराना है और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आया. वर्ष 2016 में विज्ञापन के आधार पर बोकारो बाल सुधार गृह में आठ लोगों की नियुक्ति की गई थी. इनकी सर्विस बुक बनी और नियमित वेतन मिलता रहा.
लेकिन 2017 में सरकार ने इन्हें एक नोटिस देकर नौकरी से हटा दिया और बाद में दैनिक मजदूर के रूप में काम करने को कहा. यह कदम कर्मचारियों के अनुसार अनुचित था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की.
हाईकोर्ट ने जांच के बाद कहा कि सरकार के पास इन कर्मचारियों को हटाने का कोई वैध अधिकार नहीं था. इसलिए उनका पद, वेतन और कार्य फिर से बहाल किया जाए. यह फैसला रोजगार सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
