जेपीएससी सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा विवाद पर कोर्ट की नजर.
सरकार और आयोग से मांगा जवाब, अगली सुनवाई अप्रैल में.
Ranchi: जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग 2026 को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह याचिका अमित कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल की गई है। मामला वर्ष 2021 और 2024 के विज्ञापनों से संबंधित बताया गया है। सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। कोर्ट ने प्रारंभिक दलीलों को ध्यान से सुना। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा नियमों में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि आयु सीमा तय करने में अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी हुई है। अदालत ने इस पर जवाब तलब किया।
अभ्यर्थियों ने अधिकतम उम्र सीमा वर्ष 2018 से निर्धारित करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी से कई उम्मीदवार अवसर से वंचित हो गए। अदालत ने इस मुद्दे को गंभीर माना। कोर्ट ने जेपीएससी और राज्य सरकार को विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा। न्यायालय ने सभी दस्तावेज अगली तारीख से पहले जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने आयोग का पक्ष अदालत के सामने रखा। उन्होंने नियमों और प्रक्रिया की जानकारी दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सहयोग करने का निर्देश दिया। इस मामले से हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। प्रतियोगी छात्रों में फैसले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। प्रशासनिक और शैक्षणिक हलकों में भी इस पर चर्चा तेज है। अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
