झारखंड हाईकोर्ट से शराब कारोबारी भूपेंद्रपाल सिंह को राहत नहीं.
अग्रिम जमानत याचिका खारिज, एसीबी आरोपों को कोर्ट ने माना.
रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में शराब आपूर्ति मामले में अहम सुनवाई हुई। छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी भूपेंद्रपाल सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति संजय प्रसाद द्विवेदी की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने एंटी करप्शन ब्यूरो की दलीलों को गंभीरता से सुना। मामले को लेकर राज्य में पहले से चर्चा चल रही थी। कोर्ट के फैसले के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध किया गया। एसीबी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी ने षड्यंत्र के तहत निम्न गुणवत्ता की देसी शराब की आपूर्ति की। आरोप है कि यह काम दूसरी कंपनी के साथ मिलीभगत से किया गया। झारखंड में देसी शराब आपूर्ति का ठेका लेकर घटिया शराब सप्लाई की गई। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। बताया गया कि भूपेंद्रपाल सिंह छत्तीसगढ़ के देसी शराब निर्माता हैं। उन पर अनस्टैंडर्ड शराब सप्लाई करने का आरोप है। मामले में एसीबी रांची ने कांड संख्या 9/2025 दर्ज किया है। अब आगे जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
