डिजिटल अरेस्ट ठगी ने खोली साइबर सिस्टम की पोल.
22.93 करोड़ केस से बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल.
यह मामला केवल ठगी नहीं बल्कि सिस्टम की कमजोरी दिखाता है। अपराधियों ने कई बैंकों का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों के नाम पर भरोसा तोड़ा गया।
फर्जी कोर्ट आदेश और आरबीआई रसीदों का प्रयोग किया गया। यह दर्शाता है कि साइबर अपराधी कितने संगठित हैं। बैंक और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से साइबर कानूनों में सुधार की उम्मीद है।
