थर्मल बंदी से झारखंड उद्योगों को 50 करोड़ का नुकसान
ऊर्जा संकट गहराया, बोकारो प्लांट से उत्पादन ठप पड़ा
डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन बंद होने के बाद झारखंड की औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान का अंदेशा है। राज्य में प्रतिदिन 500 मेगावाट बिजली का घाटा हो रहा है। इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ बिजली दरों पर भी असर पड़ेगा।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस संकट से धातु, इस्पात और खनन उद्योगों की उत्पादकता घटेगी। वहीं राज्य के घरेलू उपभोक्ता भी बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना कर सकते हैं। डीवीसी प्रशासन ने जल्द समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया है।
ऊर्जा विभाग ने फिलहाल बाहरी राज्यों से बिजली खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। बोकारो, रांची, और धनबाद में लोडशेडिंग की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
