धुर्वा डैम दुर्घटना आखिर कैसे हुई, जांच किन पहलुओं पर जारी.

तकनीकी, भूगोलिक और पुलिस डायरी के आधार पर मामले का विश्लेषण

धुर्वा डैम में तीन पुलिसकर्मियों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की प्राथमिक वजह कार का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है। सड़क की ढलान और मोड़ भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रात में दृश्यता कम रहती है। ऐसे में थोड़ी भी चूक भारी पड़ सकती है। दुर्घटनास्थल की मिट्टी में गाड़ी फिसलने के निशान मिले हैं। इससे पता चलता है कि वाहन का संतुलन अचानक बिगड़ा होगा। पुलिसकर्मियों के हथियार सुरक्षित पाए गए। इससे हिंसक घटना की संभावना कम लगती है। कार का इंजन भी डैम में डूबने से बंद पाया गया।

दूसरा पहलू वाहन की तकनीकी स्थिति से जुड़ा है। ब्रेक सिस्टम की जांच की जा रही है। टायरों का दबाव भी जांचा जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि क्या गाड़ी में पहले से कोई खराबी थी। जीपीएस डेटा से कार की अंतिम स्पीड पता चलेगी। मोबाइल फोन से अंतिम लोकेशन पता लगेगी। रात दश बजे के बाद उनकी गतिविधि फिलहाल स्पष्ट नहीं है। तीसरा पहलू ड्यूटी के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह जांच हो रही है कि तीनों किस उद्देश्य से उस इलाके में थे। पीडीजे की ड्यूटी रजिस्टर की जांच भी की जा रही है।

चौथा पहलू सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। डैम क्षेत्र में रात में रोशनी कम होती है। सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग भी सीमित है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन इस मार्ग पर अतिरिक्त लाइट लगाने की तैयारी कर रहा है। घटना ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जरूरत दिखाई है। पुलिस रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। लोगों का कहना है कि रात में इस मार्ग पर निगरानी होनी चाहिए। इस हादसे ने कई स्तरों पर चिंता बढ़ा दी है। सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

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