नाबालिग हत्याकांड पर हाईकोर्ट सक्रिय, प्रशासन से जवाब तलब.

जांच में देरी और कार्रवाई पर कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए.

रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग की घटना को गंभीरता से लिया है। विष्णुगढ़ प्रखंड के कोसुंभा गांव में नाबालिग की हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया। गृह सचिव और एसपी हजारीबाग से भी जवाब मांगा गया। अदालत ने अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले को आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के पास भेजा गया। कोर्ट ने कहा कि घटना अत्यंत संवेदनशील है। न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी माना गया।

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष घटना से जुड़े दस्तावेज रखे गए। कोर्ट को बताया गया कि घटना मार्च के अंत में हुई थी। प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की जानकारी दी गई। अदालत ने इसे गंभीर चूक बताया। वर्चुअल माध्यम से पुलिस अधिकारी उपस्थित हुए। न्यायालय ने जांच की दिशा पर सवाल किए। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जल्द प्रगति का भरोसा दिया।

खंडपीठ ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि इतने समय बाद भी परिणाम नहीं आना चिंताजनक है। फॉरेंसिक जांच की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई गई। अदालत ने पारदर्शी जांच का निर्देश दिया। न्यायालय ने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि समाचारों से मामले की गंभीरता सामने आई। अधिकारियों को जिम्मेदारी से कार्य करने की हिदायत दी गई। अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। राज्यभर में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *