प्रीमेच्योर रिलीज मामले में हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी.
फहीम खान की अवमानना याचिका पर राज्य सरकार से जवाब.
रांची में झारखंड हाईकोर्ट में समय पूर्व रिहाई से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। यह मामला धनबाद के वासेपुर निवासी फहीम खान का है। अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है। पहले अदालत ने रिहाई पर विचार करने का निर्देश दिया था। 1984 की नीति के आधार पर प्रक्रिया पूरी करनी थी। छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने को कहा गया था। आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया। इसी कारण अवमानना याचिका दाखिल हुई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की स्थिति जानी। याचिकाकर्ता ने आदेश अनुपालन नहीं होने की बात रखी। अदालत ने अधिकारियों को जवाब दाखिल करने को कहा। मामले से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया। न्यायालय ने प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। अगली सुनवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मामला कानूनी रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। अदालत ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
फहीम खान को 2009 में हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। उन्होंने 18 साल से अधिक जेल में बिताए हैं। रिमिशन सहित उनकी सजा अवधि 20 साल से अधिक है। उन्होंने समय पूर्व रिहाई की मांग की थी। सरकार ने 2007 नीति के आधार पर आवेदन अस्वीकार किया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई। अदालत ने 1984 नीति पर विचार करने को कहा था। आदेश पालन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। फिलहाल मामला न्यायालय में लंबित है।
