फेंसिडिल केस से डरी रांची की जनता, जागरूकता अभियान की मांग.
जनहित याचिका के बाद युवाओं में नशे से मुक्ति की चर्चा तेज
रांची : फेंसिडिल बरामदगी मामले के बाद राजधानी में जागरूकता की लहर दौड़ गई है। अधिवक्ता सुनील कुमार की याचिका ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया है। स्कूल-कॉलेजों में अब नशा मुक्त अभियान की बात उठ रही है।
शहर के सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि CID की सुस्ती युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रही है। बरवड्डा से जब्त की गई सीरप की बोतलें पूरे नेटवर्क का खुलासा करती हैं।
रांची की सेली ट्रेडर्स फर्म का नाम आने से कारोबारी जगत में हलचल है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी भूमिका की समीक्षा शुरू कर दी है। नागरिक समाज का कहना है कि हाईकोर्ट को इस मामले में सख्त आदेश देने चाहिए।
लोगों में अब उम्मीद है कि न्यायपालिका राज्य को नशे के जाल से मुक्त करेगी। कई सामाजिक संगठन आने वाले सप्ताह में “से नो टू ड्रग्स” रैली की तैयारी कर रहे हैं।
