बायो मेडिकल कचरे पर हाईकोर्ट का बड़ा संदेश.

स्वच्छ पर्यावरण ही सुरक्षित जीवन की पहचान.

झारखंड हाईकोर्ट ने आम लोगों के हित में बड़ा संदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि चिकित्सा कचरा लापरवाही से नहीं निपटाया जा सकता। इससे गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हर नागरिक का सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार है।

कोर्ट ने बताया कि अब नियम पूरी तरह लागू हैं। अस्पतालों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। कचरे की निगरानी डिजिटल तरीके से होगी। जिला स्तर पर जांच होगी। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे व्यवस्था मजबूत होगी।

न्यायालय ने उम्मीद जताई कि प्रशासन सतर्क रहेगा। स्वास्थ्य संस्थान नियमों का पालन करेंगे। नागरिक भी जागरूक बनेंगे। स्वच्छ पर्यावरण से स्वस्थ समाज बनेगा। यह फैसला जनहित में मील का पत्थर है। भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की उम्मीद है।

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