महिला सफाईकर्मी पर हमला मानव गरिमा का खुला उल्लंघन.
सरेआम हिंसा ने मजदूर वर्ग की सुरक्षा पर उठाए सवाल.
झरिया की घटना केवल मारपीट नहीं है। यह मानव गरिमा पर सीधा हमला है। मंजू देवी मेहनत कर जीवन चला रही थीं। उन्हें सम्मान मिलना चाहिए था। लेकिन उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ।
कपड़ा दुकानदार ने शक्ति का दुरुपयोग किया। झाड़ू से पीटा गया। साड़ी खींचकर अपमानित किया गया। यह महिला अधिकारों का हनन है। समाज में कमजोर वर्ग की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न है।
घटना के बाद लोग एकजुट हुए। पुलिस से न्याय की मांग की गई। सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। ताकि मजदूरों को सुरक्षा मिल सके।
