माझी बाबा से मंत्री तक का सफर: रामदास सोरेन.
एक जीवन जो संथाल परंपराओं में रचा-बसा था
रांची, झारखंड: रामदास सोरेन, जिन्हें उनके समुदाय में प्यार से ‘माझी बाबा’ के नाम से जाना जाता था, का जीवन एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर झारखंड सरकार में एक प्रभावशाली मंत्री बनने तक का रहा है। उनका जीवन और राजनीति संथाल परंपराओं और गरीब समुदाय की सेवा में रची-बसी थी।
रामदास सोरेन ने अपने जीवन में कभी भी अपनी आदिवासी जड़ों को नहीं भूला। उन्होंने हमेशा निस्वार्थ भाव से अपने समुदाय की सेवा की। वह अपनी सादगी और गरीबों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। जब भी कोई उनके पास मदद मांगने आता था, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता था। उनका काम और उनका व्यक्तित्व झारखंड की राजनीति में एक मिसाल बन गया था।
सोरेन का निधन झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक बड़ी क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। वह न केवल एक राजनेता थे, बल्कि अपने समुदाय के एक सच्चे चैंपियन थे। उनकी विरासत हमेशा झारखंड के लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
