रांची में बजट तैयारियों का दौर तेज, विभागों के बीच मेहनत बढ़ी.
शीतकालीन सत्र निकट, अनुपूरक बजट से जुड़ी गतिविधियाँ लगातार जारी
शीतकालीन सत्र की दस्तक के साथ झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में गतिविधि बढ़ गई है। रांची में हर विभाग अपने बजटीय प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। वित्त विभाग ने समय सीमा तय करते हुए प्रस्ताव भेजने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसे निर्देश आमतौर पर सत्र के पहले माहौल को अधिक सक्रिय बना देते हैं। सभी अधिकारी इस प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
विभागों को केंद्रीय योजनाओं में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी का पूरा ध्यान रखना होगा। वित्त विभाग ने कहा है कि संसाधनों की कमी के मामले में राज्य टॉप-अप प्रावधान का उपयोग कर सकता है। कई विभागों को पिछले वर्षों में प्राप्त राशि का हिसाब भी साफ करना होगा। योजनाओं में सुधार, पुनर्विनियोग, और मजबूती से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की जा रही है। यह सब कदम बजट को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।
स्थापना व्यय और राज्य स्कीमों के प्रस्तावों में भी आवश्यक विवरण जोड़ना अनिवार्य है। बिना पूर्व आवंटन वाले मामलों में टोकन राशि का अनुरोध किया जाएगा। शेयरिंग पैटर्न में बदलाव होने पर भी संशोधन प्रस्ताव भेजने होंगे। वित्त विभाग चाहता है कि किसी भी आकस्मिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए विभाग पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ें। इस तरह शीतकालीन सत्र से पहले रांची में एक व्यवस्थित वित्तीय माहौल तैयार हो रहा है।
