रेल परियोजना में बार बार बदली टाइमलाइन पर सवाल.
जवाबदेही तय करने की उठी मांग
पूर्व मध्य रेलवे की निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कोडरमा–बरकाकाना दोहरीकरण परियोजना इसकी मिसाल बन गई है। झारखंड रेल यूजर एसोसिएशन ने विभाग की कार्यशैली पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि समयसीमा का बार-बार बदलना गंभीर मुद्दा है।
पहले अक्टूबर और जनवरी की बात कही गई थी। फिर नवंबर और अप्रैल की समयसीमा आई। इसके बाद दिसंबर का दावा किया गया। अब जनवरी की नई तारीख बताई जा रही है। इससे साफ है कि विभाग के पास स्पष्ट योजना नहीं है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन सार्वजनिक की जाए। काम में हो रही देरी के लिए जिम्मेदारी तय हो। केवल प्रेस नोट जारी कर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। प्रशासन को अब जवाब देना होगा।
