हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट, लापता युवती मामला गरमाया.
एफआईआर देरी पर पुलिस को कोर्ट ने दिया कड़ा संदेश.
झारखंड हाईकोर्ट में लापता युवती मामले की सुनवाई ने नया मोड़ लिया। अदालत ने पुलिस से जांच में देरी का कारण पूछा। एफआईआर दर्ज करने में दस दिन लगने पर नाराजगी जताई गई। कोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी मांगी। एसपी को केस डायरी के साथ पेश होने का आदेश दिया गया। अदालत ने जांच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मामले की निगरानी न्यायालय कर रहा है। पुलिस को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया। सुनवाई के दौरान कई तथ्य रिकॉर्ड में लिए गए।
एसपी ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने जांच प्रगति की रिपोर्ट देने को कहा। अधिवक्ताओं ने पीड़ित पक्ष की चिंता जाहिर की। कोर्ट ने पूछा कि युवती कब तक बरामद होगी। पुलिस ने छापेमारी और जांच की जानकारी दी। एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। नार्को टेस्ट की प्रक्रिया जारी है। अदालत ने जांच तेज करने को कहा। पुलिस को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। अगली सुनवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
युवती की मां ने न्याय की मांग करते हुए याचिका दायर की है। युवती पिछले वर्ष से लापता है। कॉल के जरिए पुणे का सुराग मिला था। पुलिस आरोपी को लेकर जा रही थी। रास्ते में आरोपी फरार हो गया। इससे जांच को झटका लगा। पुलिस अभी भी युवती की तलाश में जुटी है। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच होगी। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी।
