मोकामा हत्याकांड में खुलासा, दुलार चंद की मौत फेफड़े फटने से.
पटना, बिहार: बिहार के मोकामा में हुई दुलार चंद यादव की मौत के मामले में ऑटोप्सी (शव परीक्षण) रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिससे इस हत्याकांड की गुत्थी उलझ गई है। शुरुआती आशंकाओं के विपरीत, रिपोर्ट में पता चला है कि दुलार चंद की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि भीषण हमले के कारण फेफड़े फटने (Lung Rupture) से हुई थी। यह खुलासा दर्शाता है कि हमलावरों ने हत्या के लिए क्रूर और अलग तरीका अपनाया था।
ऑटोप्सी रिपोर्ट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि दुलार चंद की पीठ पर किसी भारी वस्तु से जोरदार प्रहार किया गया था। इस प्रहार की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह जमीन पर गिर गए, जिससे उनकी पसलियाँ टूट गईं (Fracturing Ribs) और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचा। डॉक्टरों के अनुसार, आंतरिक चोटों और फेफड़ों के फटने के कारण श्वास अवरुद्ध हो गया, जो उनकी मौत का तात्कालिक कारण बना। यह तथ्य पहले के गोली लगने के दावों को खारिज करता है।
पुलिस अब इस नई जानकारी के आधार पर अपनी जाँच का रुख बदल रही है। जाँच दल अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि हमलावरों ने किस भारी वस्तु का उपयोग किया और क्या यह हमला नियोजित था। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस ने साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। यह ऑटोप्सी रिपोर्ट न केवल हत्या की प्रकृति को बदलती है, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के लिए एक नई चुनौती भी पेश करती है।
