बच्चों के लापता होने का बढ़ता संकट, समाज मौन क्यों.
आंकड़े बताते हैं हर दिन बढ़ रहा खतरा.
देश में बच्चों के लापता होने का संकट लगातार गहराता जा रहा है। एनसीआरबी के आंकड़े डराने वाले हैं। हर दिन सैकड़ों बच्चे गायब हो रहे हैं। यह स्थिति पूरे समाज पर सवाल खड़े करती है। बच्चों की सुरक्षा कमजोर नजर आती है।
सरकार और पुलिस द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चों को बरामद भी किया गया है। फिर भी हजारों बच्चे अब तक नहीं मिले। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है। तस्करी और शोषण का खतरा बढ़ जाता है।
झारखंड में स्थिति अपेक्षाकृत कम है लेकिन खतरा बना हुआ है। राज्य 20वें स्थान पर है। विशेषज्ञ सतर्कता बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। परिवार और समाज को जागरूक होना होगा। तभी हालात सुधर सकते हैं।
