संजीव सिंह हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला आया.

दुबराज नाग सहित दो आरोपी हत्या के दोषी

जमशेदपुर के संजीव सिंह मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब दस वर्षों बाद न्यायिक निर्णय सामने आया है। झामुमो नेता दुबराज नाग को दोषी ठहराया गया है। मृतक के चचेरे भाई जितेंद्र सिंह को भी दोषी माना गया। अदालत ने दोनों को तुरंत जेल भेज दिया। इस फैसले ने मामले को निर्णायक रूप दिया है। लंबे समय से यह केस चर्चा में था। पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद नहीं छोड़ी थी। अदालत के फैसले से भरोसा मजबूत हुआ है। कानूनी प्रक्रिया पूरी गंभीरता से चली।

घटना 12 मई 2016 को गोविंदपुर में हुई थी। जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के पास हत्या की गई थी। संजीव सिंह जमीन कारोबार से जुड़े थे। जमीन विवाद इस हत्या का मुख्य कारण बताया गया। राजनीतिक रंजिश ने मामले को और जटिल बनाया। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दुबराज नाग को ओडिशा से पकड़ा गया। मामले में कई गवाहों के बयान दर्ज हुए। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया। अंततः दोषियों की पहचान हुई।

अदालत ने छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। साक्ष्य की कमी के कारण यह फैसला हुआ। एडीजे-5 मंजू कुमारी की अदालत ने आदेश सुनाया। अब 23 जनवरी को सजा पर फैसला होगा। हत्या के अपराध में कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषियों को उम्रकैद या फांसी मिल सकती है। अदालत ने सजा सुनाने की तारीख तय कर दी है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया का अहम उदाहरण है। वर्षों बाद आया निर्णय लोगों के लिए संदेश है। कानून का डर अपराधियों तक पहुंचता दिख रहा है।

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