रांची से महानगरों की उड़ानें हुईं महंगी.

त्योहारी मांग के बीच टिकटों के दाम में तेज उछाल.

दिवाली और छठ के मौके पर रांची से कई शहरों की हवाई यात्रा महंगी हो गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी अहमदाबाद, पुणे और मुंबई के किराये में दर्ज की गई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Ixigo और MakeMyTrip के किराया कैलेंडर के अनुसार, दो से 14 नवंबर के बीच शुरुआती किराये में 68 से 94 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद के टिकट भी महंगे हैं।

दो नवंबर को अहमदाबाद का शुरुआती किराया 7,379 रुपये था। 14 नवंबर तक यह बढ़कर 14,284 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान टिकट में 6,905 रुपये यानी करीब 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चार से 12 नवंबर के बीच इस रूट का शुरुआती किराया 8,128 से 9,664 रुपये रहा। पुणे के टिकट में भी बड़ा उछाल देखा गया। दो नवंबर की तुलना में 14 नवंबर तक इसके शुरुआती किराये में 8,773 रुपये की बढ़ोतरी हुई। यह करीब 88 प्रतिशत का इजाफा है।

पुणे के लिए चार से 12 नवंबर के बीच शुरुआती किराया 9,166 से 12,071 रुपये के बीच दर्ज किया गया। 13 और 14 नवंबर को अलग-अलग उड़ानों का शुरुआती किराया 10,008 से 18,781 रुपये तक पहुंचा। मुंबई के लिए दो नवंबर को शुरुआती टिकट 8,217 रुपये का था। चार नवंबर को यह 9,054 रुपये हो गया। 14 नवंबर तक मुंबई का शुरुआती किराया 13,848 रुपये पहुंच गया। इस तरह टिकट 5,631 रुपये यानी करीब 68 प्रतिशत महंगा हुआ।

किराये में तेजी की एक वजह सीमित सीधी उड़ानें हैं। रांची से अहमदाबाद और पुणे के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानों की संख्या कम है। यात्रियों को इन मार्गों पर कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ता है। दूसरी वजह त्योहार के बाद बढ़ने वाली वापसी की मांग है। आठ नवंबर को दिवाली और 11 नवंबर को भाई दूज मनाया जाएगा। इसके बाद 13 और 14 नवंबर को सप्ताहांत के कारण यात्रियों की आवाजाही बढ़ सकती है। कामकाजी लोग और छात्र पश्चिम भारत के औद्योगिक तथा आईटी शहरों की ओर लौटेंगे।

दिल्ली के लिए रोजाना सात सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। यहां दो से आठ नवंबर के बीच शुरुआती किराया 6,570 से 7,316 रुपये रहा। कनेक्टिंग और शाम की उड़ानों के टिकट 11,316 से 16,326 रुपये तक पहुंच गए हैं। बेंगलुरु के लिए रोजाना पांच सीधी उड़ानें हैं। दो नवंबर को इसका शुरुआती किराया 8,200 रुपये था, जबकि चार से आठ नवंबर के बीच यह 9,062 रुपये से शुरू हो रहा है। हैदराबाद के लिए शुरुआती टिकट 8,895 रुपये से लेकर 12,480 रुपये तक है।

केंद्र सरकार ने हवाई किराये के संबंध में नए नियम अधिसूचित किए हैं। 31 अक्टूबर को भारतीय वायुयान नियम, 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। नियम 192 के तहत असाधारण स्थिति में जनहित को देखते हुए सरकार एयरलाइंस को लिखित निर्देश दे सकती है। किराये की निगरानी DGCA करेगा। एयरलाइंस को मूल किराया, टैक्स और अन्य शुल्क का अलग-अलग ब्योरा देना होगा। ये नियम एक जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसलिए मौजूदा त्योहारी सीजन में यात्रियों को इनसे तत्काल राहत नहीं मिलेगी। इससे पहले 22 सितंबर को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि सरकार त्योहारों के दौरान हवाई किराये की अधिकतम सीमा तय नहीं करेगी। उन्होंने एयरलाइंस को उचित किराया रखने की सलाह देने की बात कही थी।

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