ओडिशा के ढिली गाँव में स्कूली बच्चों का भयावह सफर.
प्रशासन मौन .
बालासोर, ओडिशा: ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित ढिली गाँव के प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों को रोजाना स्कूल पहुँचने के लिए एक भयावह संघर्ष से गुजरना पड़ता है। जहाँ सड़क का नामोनिशान नहीं है, वहाँ ये बच्चे गीली और फिसलन भरी मेड़ों पर चलकर स्कूल जाते हैं। उनके छोटे कदमों के निशान कीचड़, पानी और साँपों के बीच उनकी रोजाना की मुश्किल कहानी कहते हैं। यह स्थिति शिक्षा के अधिकार और बुनियादी ढाँचे की गंभीर कमी को दर्शाती है।
गाँव वालों का कहना है कि बरसात के मौसम में मेड़ें इतनी फिसलन भरी हो जाती हैं कि बच्चों का गिरना आम बात है। पानी भरे रास्तों पर साँपों और अन्य जंगली जीवों का खतरा हर समय बना रहता है, जिससे अभिभावक हमेशा चिंता में रहते हैं। कई बच्चे कीचड़ और पानी के कारण बीमार भी पड़ जाते हैं। ग्रामीणों ने लंबे समय से एक उचित सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी इस समस्या पर मौन बनाए हुए है।
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार को नजरअंदाज करना प्रशासनिक लापरवाही को स्पष्ट करता है। स्कूल तक पहुँचने की यह दैनिक कठिनाई बच्चों के मन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है और कई बार वे स्कूल जाने से कतराते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता मुहैया कराने की अपील की है। ढिली गाँव के ये छोटे बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
