गुमला के गांवों में लगेंगे निःशुल्क आयुष शिविर.

2 से 7 नवंबर तक अलग-अलग विषयों पर स्वास्थ्य जांच.

गुमला जिले में छह दिनों तक विशेष आयुष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 2 नवंबर से शुरू होकर 7 नवंबर तक चलेगा। जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से इसकी व्यवस्था की गई है। शिविरों के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी। स्वास्थ्य जांच के साथ मरीजों को डॉक्टरों की सलाह और मुफ्त दवाएं भी मिलेंगी। सभी स्थानों पर शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे। अलग-अलग दिनों में विशेष आयु वर्ग और समुदायों को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।

दो नवंबर को हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित बीमारियों की जांच होगी। ऑस्टियो आर्थराइटिस से परेशान लोगों को भी उपचार और परामर्श की सुविधा दी जाएगी। बसिया, घाघरा, सिसई, चैनपुर, बिशुनपुर, डुमरी, रायडीह और गुमला के आयुष औषधालयों में शिविर लगेंगे। पालकोट, जारी और भरनो प्रखंड परिसर में भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। कामडारा में बैंक के पास शिविर आयोजित होगा। तीन नवंबर को बुजुर्गों के लिए विशेष जेरियाट्रिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों की जांच के बाद उन्हें चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार आयुष चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

चार नवंबर को चयनित सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य और योग कार्यक्रम आयोजित होंगे। सिसई, बिशुनपुर, बसिया और गुमला के स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जाएगा। घाघरा, रायडीह, डुमरी और चैनपुर के विद्यालय भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। विद्यार्थियों को आयुर्वेद की उपयोगिता और योग के महत्व के बारे में बताया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया जाएगा। पांच नवंबर को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इस दिन बिरहोर और असुर समुदाय के लोगों के लिए विशेष शिविर आयोजित होंगे।

घाघरा प्रखंड के मथनीडीपा में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। बिशुनपुर प्रखंड के जेहनगुटवा और बिरहोर कॉलोनी में भी जांच की व्यवस्था होगी। चैनपुर के दिना और डुमरी की असुर टोली में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे। छह नवंबर को बसिया, गुमला और चैनपुर प्रखंड में कारुण्या स्वास्थ्य शिविर लगेंगे। सात नवंबर को आयुष ग्राम स्वास्थ्य शिविरों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। घाघरा प्रखंड के बड़काडीह, देवाकी और नवडीहा गांवों में शिविर होंगे। सिसई के नगर, जमगई और रेड़वा गांव भी इसमें शामिल हैं। रायडीह के पतराटोली, खीराखाड़ और भलमंडा में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। गुमला प्रखंड के टोटो, आंजन और करौंदी गांवों में भी शिविर लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपने नजदीकी शिविर में पहुंचने की अपील की है। बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों से इन सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने को कहा गया है। गांवों में जानकारी पहुंचाने के लिए सहिया दीदियों के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इन मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से वंचित न रहे।

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