रांची में कथित फर्जीवाड़े पर प्राथमिकी दर्ज.
अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने शुरू की जांच.
रांची में फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला धुर्वा थाना क्षेत्र के तुपुदाना ओपी से संबंधित है। रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा की अदालत ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत ने पुलिस को शिकायत के आधार पर जांच करने का निर्देश भी दिया। इसके बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में शबाना शफी ने शिकायतवाद दाखिल किया था। उन्होंने एकरारनामे में अपने हस्ताक्षर को लेकर आपत्ति जताई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विवादित दस्तावेज 22 जनवरी 2020 का है। उनका आरोप है कि दस्तावेज तैयार करने में फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया। शबाना शफी ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने उक्त एकरारनामे पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। शिकायत में चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें शाहीन फजल सिम्मी का नाम शामिल है। नसीम अली को भी नामजद किया गया है। इसके अलावा नईमुल्लाह खान और नासिर खान के नाम भी शिकायत में दर्ज हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने कथित तौर पर उनके हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल किया। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच करेगी। जांच के दौरान 22 जनवरी 2020 के एकरारनामे की पड़ताल की जाएगी। दस्तावेज पर मौजूद हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता भी जांच का विषय होगी। पुलिस शिकायतकर्ता के आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है। हालांकि, अभी तक आरोपों की पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपियों का दोष साबित होना नहीं है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। मामले में दस्तावेजी साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
