राधा कृष्ण किशोर के कारण कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी राजनीतिक हलचल.

पार्टी नेताओं ने मंत्री के बयानों पर जतायी गहरी चिंता आज.

झारखंड कांग्रेस में मंत्री राधा कृष्ण किशोर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके हालिया बयानों से नाराज बताए जा रहे हैं। नेताओं का कहना है कि उनके बयान संगठन को असहज स्थिति में डाल रहे हैं। कांग्रेस के अंदर इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है। पार्टी के कुछ विधायक पहले से ही मंत्री पद के फैसले से खुश नहीं थे। उनका मानना था कि पुराने और अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने राधा कृष्ण किशोर को मंत्री बनाया। अब उनके बयानों ने अंदरूनी असंतोष को और बढ़ा दिया है। कई नेता निजी बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। हालांकि सार्वजनिक रूप से कोई खुलकर बयान नहीं दे रहा है।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार गठबंधन सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में लगातार अभियान चलाया गया। सरकार वहां बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर काम कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद मंत्री द्वारा विकास नहीं होने का बयान दिया गया। उनके इस बयान से सरकार की छवि पर असर पड़ने की चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ऐसे बयान विपक्ष को मजबूत करते हैं। पार्टी के कई कार्यकर्ता भी इस मामले से परेशान दिखाई दे रहे हैं। नेताओं का कहना है कि सरकार के कार्यों को सकारात्मक तरीके से जनता तक पहुंचाना जरूरी है। फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

योगेंद्र साव के समर्थन को लेकर भी पार्टी के भीतर असहमति बढ़ गई है। कांग्रेस पहले ही इस मामले में अपना फैसला ले चुकी है। इसके बाद सार्वजनिक समर्थन देना नेताओं को पसंद नहीं आया। पार्टी नेताओं का कहना है कि अनुशासन का पालन सभी के लिए जरूरी है। राधा कृष्ण किशोर द्वारा लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। उनके पत्रों के मीडिया में आने से विवाद और गहरा रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व जल्द इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि जल्द विवाद का समाधान निकलेगा। फिलहाल झारखंड कांग्रेस में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

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