रिम्स की बदहाल स्थिति पर कोर्ट सख्त, अंतिम चेतावनी जारी.

भर्ती उपकरण खरीद और निर्माण कार्य जल्द पूरा करने निर्देश.

रांची स्थित रिम्स अस्पताल की स्थिति पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अस्पताल में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है। जरूरी मशीनों की खरीद समय पर नहीं हो रही है। भवन निर्माण और मरम्मत के काम भी अधूरे हैं। इन मुद्दों को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई है। पहले तय समय सीमा का पालन नहीं किया गया। अब प्रबंधन ने और समय की मांग की है। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। साफ कहा गया है कि अब देरी नहीं चलेगी।

हाई कोर्ट ने 30 मई 2026 तक सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति की पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अब कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। रिम्स प्रबंधन को तेजी से काम करने को कहा गया है। भर्ती प्रक्रिया तुरंत पूरी करनी होगी। मशीनों और उपकरणों की खरीद में तेजी लानी होगी। भवन निर्माण कार्य को प्राथमिकता देनी होगी। जर्जर भवनों की मरम्मत जरूरी बताई गई है। सभी कार्यों की नियमित समीक्षा होगी। अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

रिम्स निदेशक को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह बनाया गया है। उन्हें समय पर प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। 10 मई तक रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी है। रिपोर्ट में हर कार्य का विवरण देना होगा। अदालत ने प्रशासनिक देरी पर सख्त टिप्पणी की है। अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। लोगों में इस फैसले से उम्मीद जगी है। रिम्स में सुधार की संभावना बढ़ी है। सभी की नजर अब तय समय सीमा पर है। यह डेडलाइन रिम्स की स्थिति तय करेगी।

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