हाईकोर्ट ने पूछा आठ साल तक कार्रवाई लंबित क्यों रही.
विभागीय लापरवाही पर अदालत ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा.
हाईकोर्ट में प्रशासनिक देरी से जुड़ा मामला सुना गया। अदालत ने देरी पर नाराजगी व्यक्त की। खंडपीठ ने इसे गंभीर मुद्दा बताया। न्यायालय ने जिम्मेदारी तय करने की बात कही। आदेशों के पालन पर सवाल उठाए गए।
सुनवाई के दौरान विभागीय सचिव ने जानकारी दी। उन्होंने अधिकारों की सीमाओं का उल्लेख किया। उपायुक्त को राजस्व कर्मचारी पर कार्रवाई का अधिकार बताया गया। अदालत ने पूछा कि फिर देरी क्यों हुई। कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
कोर्ट ने सुधारात्मक योजना पेश करने को कहा। विभागों के बीच परामर्श की बात सामने आई। अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी। अधिकारियों की उपस्थिति से छूट दी गई। मामला न्यायालय की निगरानी में रहेगा।
